
बरेली ,महात्मा गाँधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के उपलक्ष्य में ऑल इंडिया कल्चरल एसोसिएशन एवं जिला समारोह समिति के संयुक्त तत्वाधान में रुहेलखंड महोत्सव की पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन स्थानीय लोक खुशहाली चैरिटेबल ट्रस्ट सभागार में हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन मुख्य अतिथि डॉ. विनोद पागरानी जी ने किया।कार्यक्रम अध्यक्ष रणधीर प्रसाद गौड़ ने सरस्वती वंदना की।कवियों और शायरों ने काव्यपाठ और अपने कलाम पेश किए।संचालन करते हुए रोहित राकेश ने कहा
कभी न हिले वो बुनियाद चाहिए,
वतन हमेशा ही आबाद चाहिए। राजकुमार अग्रवाल ने कहा
दो अक्टूबर का यह शुभ दिन,
सभी देशभक्तों के नाम।
लाल बहादुर और गाँधी को अपना,
कोटि कोटि प्रणाम।
रणधीर प्रसाद गौड़ ने कहा
गाँधी तेरी सत्य अहिंसा,
पर होता आघात व्यवस्था बिगड़ी है।
कवियित्री अन्विता “कृति” ने कहा
हम भारत के बेटे,
तुझसे ये पुकार लगाते हैं।
मेरे गाँव नगर आकर देखो,
पावन तीरथ हो जाते हैं।
आदिल जलाली ने कहा
हर हुनर है ए जलाली मगर,
सबसे अच्छा लगा शायरी का हुनर।
राम कुमार “अफरोज” ने कहा
अब किसे है आचरण का ध्यान बापू की तरह,
हो सका है मौन यूँ बापू की तरह।
देश में पैदा हुए हैं अनगिनत नेता मगर, मिल सकेगा क्या उन्हें सम्मान बापू की तरह।
शायरा आबिदा फातिमा ने कहा
वो तेरा शहर तेरा घर भी मुझे याद नहीं,
और तेरे फोन का नम्बर भी मुझे याद नहीं।
अरमान सैफ ने कहा
उसूले फिक्र का ज़ाहिर निज़ाम
गाँधी है,
अहिंसा धर्म है सच का निज़ाम गाँधी है।
राजीव गोस्वामी,एस.के. कपूर,डॉ. आर.सी.पाण्डेय,डॉ. निरुपमा अग्रवाल,डॉ.मोनिका अग्रवाल आदि ने अपनी रचनाओं से दर्शकों को लुभाया।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पवन अरोड़ा रहे।इस मौके पर संस्था के समस्त पदाधिकारी मौजूद रहे।









1 thought on “30 वें रुहेलखंड महोत्सव की पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन और मुशायरा का आयोजन हुआ”
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